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देश को आज मिला अपना 14वें राष्ट्रपति, रामनाथ कोविंद ने मीरा कुमार को दी करारी मात

नई दिल्‍ली : तकरीबन डेढ़ महीने के मंथन के बाद देश को आज अपना नया राष्ट्रपति मिल गया। यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार को चुनावों में हराने के बाद रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति बन गए। बता दें कि एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने मीरा कुमार को लगभग 3 लाख 34 हजार वोटों के अंतर से हराया। जहां कोविंद को 65.65 फीसदी वोट हासिल हुए हैं, तो वहीं मीरा कुमार को 35.34 फीसदी वोट मिले।

रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को नए राष्‍ट्रपति पद के लिए शपथ लेंगे। कानून पर गहरी पकड़, संविधान पर गहरी समझ, आम लोगों से सीधे जुड़े हुए और मृदु भाषी ऐसे गुणों से परिपूर्ण हमारे देश के 14वें नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविद। रामनाथ कोविद एक कुशल और जिम्मेदार व्यक्तित्व वाले नेता माने जाते हैं। राष्ट्रपति पद पर विराजमान हुए रामनाथ कोविद ने राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल के पद पर रहे हैं। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि मुझे समर्थन देने के लिए सभी दलों का धन्यवाद, ये मेरे लिए भावुक पल है।

मेरा चयन लोकतंत्र की महानता का प्रतीक है, राष्ट्रपति के तौर पर चयन बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही कहा कि राष्ट्रपति बनना मेरा लक्ष्य नहीं था, पर मुझ पर भरोसा जताने के लिए मै सभी का आभारी हूं। वहीं, मीरा कुमार ने रामनाथ कोविंद को जीत की बधाई देते हुए कहा कि मैं कोविंद जी को शुभकामनाएं देना चाहती हूं कि वह चुनौतीपूर्ण समय में संविधान का गरिमा को बनाए रखें। जिस विचारधारा की लड़ाई के लिए मैं आगे आई थी वह आज खत्म नहीं हुई है।

आप सबने हमेशा साथ दिया है, आप सबको धन्यवाद। इसके साथ ही रामनाथ कोविंद की जीत के बाद उनके समर्थक जश्न में डूब गए। मुंबई से लेकर कानपुर तक कोविंद की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। मुंबई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। आज सुबह वोटों की गिनती शुरू होते ही रामनाथ कोविंद के गांव में जश्न का माहौल शुरू हो गया था। कोविंद की जीत के लिए उनके गांव में हवन पूजन भी किया गया।

राहुल गांधी के साथ साथ रॉबर्ट वाड्रा ने भी छुप-छुपकर की थी चीनी राजदूतों से मुलाकात, उठे कई सवाल….

नई दिल्ली : गांधी परिवार एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लकिन इस बार सुर्खियों की वजह राहुल गाँधी का बिन सर पैर वाला भाषण नहीं हैं और ना ही उनका बेतुका बयान. इस बार वजह हैं चीनी. वो चीनी जिसे अगर खीर में मिलाया जाए तो खीर जहर बन सकती है. जो मिठास की जगह कड़वाहट देती हैं. जो भारत के दुश्मनो और आतंकियों के घर पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं और गाँधी परिवार उन्हीं चीनी से मुलाकात कर रहे है. इन दिनों इंडो-चीन बॉर्डर पर माहोल काफी तनावपूर्ण है.

चीन नियंत्रण भारत में घुसने की कोशिश कर रहा है और धमकियां भी दे रहा है, ये बात किसी से छुपी नहीं हैं. लकिन फिर भी राहुल गाँधी ने बिना किसी को बताये चोरी छुपे चीनी राजदूतों से मुलाकात की. इस बात को मानने से पहले तो उन्होंने इंकार किया लेकिन बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वो सीमा पर हो रहे तनाव के बारे में बात करने गए थे. अब एक और नई तस्वीर सामने आयी है जिसमें राहुल गाँधी समेत प्रियंका गाँधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा चीनी राजदूतों के साथ नज़र आ रहे हैं. ये फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई हैं.

जब इसपर कांग्रेस से सवाल पूछे गए तो इसकी सफाई में उन्होंने इस तस्वीर को चीनी राजदूतों द्वारा आयोजित चियनिज फ़ूड फेस्टिवल में ली गयी तस्वीर बताया. कांग्रेस ने कहा कि राहुल गाँधी की चीनी राजदूतों से मुलाकात में प्रियंका गाँधी और रॉबर्ट वाड्रा की मौजूदगी से साफ़ इंकार कर दिया. ऐसे में कांग्रेस पर काफी सवाल उठाये जा सकते हैं कि जब राहुल को पता था की चीन और भारत के बीच कैसा माहौल है तो वो चीनी राजदूतों से मिलने क्यों गए और अगर गए तो उन्होंने इस बात को छुपाया क्यों? आखिर बार बार चीनी राजदूतों से मुलाकात का और उसके बाद चीन द्वारा गीदड़-भभकी देने का क्या मतलब हैं?

लगातार हो रहे नक्सली हमले को क्यों नहीं दे पा रही सीआरपीएफ करारा जवाब, कारण क्या है?

रायपुर. आय दिन हो रहे नक्सली हमले से देश आहत है और साथ ही देशवासी ये सोचने पर मजबूर है कि इन हमलों का करारा जवाब कब दिया जाएगा? दिन-दहाड़े जवानों का कत्लेआम जनता को भयभीत करता है और सवालिया निशान छोड़ता है कि ‘क्या ये नक्सलवाद हम पर इस कदर हावी हो चुका है?’

इन्हीं सवालों ने सरकार को कठघरे में  ला कर खड़ा कर दिया है, लोग यह भी जानना चाहते हैं कि कहीं हमारे जवान असलहे और सुरक्षा इंतजामों के अभाव को तो शिकार नहीं  हो गए हैं?

देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ नक्सल प्रभावित इलाकों में हो रहे हमलों का सामना क्यों नहीं कर पा रही है। क्या उसके पास सुरक्षा संसाधनों की कमी है अगर इसका जवाब ना है तो जवान इस तरह शहीद क्यों हो रहे हैं। एक खबर पत्रिका की मानें तो सीआरपीएफ के जवानों को लगभग सवा लाख बुलेटप्रूफ हेलमेट की जरूरत है। जिसकी जगह महज 1800 बुलेटप्रूफ हेलमेट के साथ जवान मोर्चा संभाले हैं।

जहां एक ओर जवानों के  पास 7.22 एमएम की गोली झेलने वाला हेलमेट अब तक मौजूद नहीं  है, वहीं दूसरी ओर नक्सली एके-47 से हमला कर रहे हैं। सुरक्षाबलों के जवानों को उपलब्ध बुलेटप्रूफ जैकेट काफी कम हैं, यदि हैं भी तो अच्छी गुणवत्ता के नहीं। जवानों के पास जरुरत के मुताबिक 38 हजार बुलेटप्रूफ जैकेट अब तक उपलब्ध होनी चाहिए थी।

भारत का नक्सली संगठव दुनिया का चौथा खतरनाक संगठन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के संस्थान नेशनल कन्सोर्टियम फॉर द स्टडी ऑफ टेररिजम एंड रेस्पॉन्सेस टु टेररिजम के मुताबिक भारत का नक्सली संगठन दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक संगठन है। संस्थान के आंकड़ों के अनुसार 2015 में भारत में 793 आतंकी और बड़े हिसंक हमले हुए, जिनमें 43 प्रतिशत नक्सली संगठनों ने किए। इन हमलों में 289 लोगों की जान गई। 2015 में सीपीआई (माओवादी) ने 343 हमले किए जिनमें 176 भारतीयों की जान गई।

रक्षा विशेषज्ञ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि, “नक्सलवाद सिर्फ बस्तर की समस्या नहीं है। छत्तीसगढ़ के साथ इसके तार ओडिशा, तेलगांना, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से जुड़े हैं। लिहाजा, इन सभी राज्यों को मिल बैठकर समन्वय के साथ एक राष्ट्रीय रणनीति बनानी होगी।”

आंतरिक सुरक्षा मजबूत बनाने के लिए सेना को चाहिए 18,000 जवान
बीते दिनों इस सूचना कि पुष्टि हुई कि कि सेना ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों की नियुक्तियों और उनके लिए बेहतर प्रशिक्षण तथा हथियार दिलाने की मांग की है। पत्र में पूर्व सेना उपप्रमुख फिलिप कैम्पोस की अगुवाई वाली समिति की पिछले साल मई में आई रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा देने वाले जवानों को बेहतर प्रशिक्षण और एके-47 एसॉल्ट राइफल, लाइट मशीनगन जैसे आधुनिक हथियार भी उपलब्ध कराए जाएं। नियुक्तियों में करीब डेढ़ करोड़ रु. खर्च होगा। सेना को 18,000 अतिरिक्त जवानों (370 नई पलटन) की जरूरत है। आधुनिक उपकरण, हथियारों पर सरकार को अलग से खर्च करना होगा।

पिछले साल पठानकोट एयरबेस, उरी तथा नगरोटा में सेना कैंपों पर बड़े आतंकी हमलों और इस साल सुकमा में बड़े नक्सली हमलों के बावजूद सरकार ने कैम्पोस कमेटी की अनुशंसाओं को लागू नहीं किया है। खुफिया तंत्र बेहतर करने के लिए सुरक्षाबलों को जासूसी विमान की ज़रुरत है। सुकमा हमले में जासूसी विमान कारगर साबित होता जिसकी कमी को महसूस किया गया।

सुरक्षाबलों को एमपीवी की है ज़रुरत
एमपीवी यानि माइनिंग प्रोटेक्टेड वेहिकल, आंकड़ों की माने तो सुरक्षाबलों के पास इस वक़्त मात्र 125 माइनिंग प्रोटेक्टेड वेहिकल (एमपीवी) गाड़ियां मौजूद है जबकि 700 और माइनिंग प्रोटेक्टेड वेहिकल की ज़रुरत है।

रक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि, “15 किलोग्राम तीव्रता तक का विस्फोट एमपीवी वाहन झेल सकता है। बस्तर में सड़क बनवाने जैसे कामों का जिम्मा सुरक्षाबल के जवानों पर है। इसलिए उस दौरान बड़े विस्फोटों से बचने के लिए एमपीवी वाहन की सख्त जरुरत पड़ती है।”

केंद्र सरकार की परियोजनाओं से तिलमिलाया नक्सलवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिंसाग्रस्त इलाकों में बड़ी परियोजनाओं को तेज करने पर ख़ासा ज़ोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह ज़ोर माओवादियों को हैरान कर रहा है और यह भी लगातार होते इन हमलों के पीछे छुपा एक कारण हो सकता है।

जनजातियों के प्रति संवैधानिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए रक्षा विशेषज्ञ सी.उदय भास्कर का कहना है कि, “इस समस्या को रक्षा के अलावा अन्य पहलुओं से देखना चाहिए। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सेना द्वारा एयर पावर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। यह देश का आंतरिक मामला है।”

इन सभी से एक बात का खुलासा होता है कि देश पर कुर्बान होने वाले जवानों के  पास सुरक्षा संसाधनों की कमी उन्हें कमज़ोर बना रही है सरकार इस बारे में केवल सोच विचार नहीं एक प्रभावकारी निर्णय लेना चाहिए। जो देशहित के लिए और देश को गौरवान्वित करने वाले जवानों के लिए कारगर साबित हो।

आगरा का इतिहास कितना रहस्यमयी है और कितना रोचक आइए जानते हैं

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कश्मीक के घाटी में लगातार होते आतंकी हमलों में, सीआरपीएफ के जवान शहीद हो रहे हैं!

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आतंक हमलों का शिकार हो रहे हैं भारतीतय जवान
प्नधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उधमपुर में चेनानी-नाशरी सुरंग के उद्घाटन के बाद नौजवानों से अपील  की थी कि वे टेररिज्न छोड़कर टूरिज्म अपनाएं। इसके साथ ही मोदी ने भटके हुए नौजवानों को से पत्थरबाजी छोड़कर कश्मीर का भाग्य संवारने में जुटने को कहा था। लकिन लगातार होते आतंकी हमलों को देखकर लगता है उनकी यह अपील कारगर साबित नहीं हुई।
आतंकवादियों ने श्रीनगर में सुरक्षा बलों को लेकर जा रही एक गाड़ी को निशाना बना कर सोगवार को हमला किया। जिसमे सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद और पांच जवान घायल हो गए। इस हमले की चपेट दो नागरिक और 10 साल की एक लड़की भी घायल हुई। बीते 3 दिनों में घाटी में आतंकियों का ये तीसरा हमला है।

रविवार

शहर के नौहट्टा इलाके में हथगोले से हमला ।
एक सिपाही की मौत 15 सुरक्षाकर्मी घायल ।

शनिवार, 1 अप्रैल

आतंकवादियों ने परीमपुरा-पंथा चौक  बाईपास पर सेना के एक काफिले पर गोलीबारी की।
जिसमें दो जवान हुए थे घायल।
अधिकारियों ने बताया कि, “आतंकवादी मौके पर होने वाली अफरातफरी का फायदा उठाते हैं और चम्पत हो जाते हैं।” अब इस तरह के माहौल को देखते हुए सरकार को कठोर निर्णय लेने ही चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, तीन तलाक द्रौपदी का चीरहरण जैसा

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तीन तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं

ट्रिपल तलाक समाज में चलने वालों में से सबसे गर्म मु्द्दों में से एक है दिन प्रतिदिन कोई न कोई किस्सा हमारे सामने आता है। लेकिन इसे पीएम मोदी के बाद अब योगी आदित्यनाथ ने अहम बयान दिया है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने तीन तलाक की व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से स्पष्ट रुप से कहा कि, “देश का राजनीतिक क्षितिज इस मसले को लेकर मौन बना हुआ है। इससे पूरी व्यवस्था कठघरे में खड़ी हो गई है और ‘अपराधियों’ और उनके सहयोगियों के साथ-साथ इस मामले पर खामोश रहने वाले लोग भी इसके दोषी हैं।”

इन दिनों में एक नयी बहस चली आ रही है और कुछ लोग देश की इस ज्वलंत समस्या को लेकर मुंह बंद किये हुए हैं, तो “मुझे महाभारत की वह सभा याद आती है, जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब द्रौपदी ने उस भरी सभा से एक प्रश्न पूछा था कि आखिर इस पाप का दोषी कौन है।” इसके साथ ही योगी ने यूनिफार्म सिविल कोड का समर्थन करते हुए कहा कि अगर देश एक है तो फिर शादी-विवाह के लिए नियम भी एक ही होना चाहिए। वहीं, योगी का यह बयान आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड द्वारा कल तीन तलाक की व्यवस्था में कोई परिवर्तन ना करने के फैसले के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। गौरतलब है कि तीन तलाक के मुद्दे पर देश में बहस छिड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है जिस पर अहम सुनवाई होनी है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) सरकार की इस पहल का विरोध कर रहा है। यूपी की नई योगी सरकार ने भी इसके खिलाफ मुहिम छेड़ी हुई है। आए दिन तीन तलाक की शिकार मुस्लिम महिलाएं उनसे मुलाकात कर मदद की गुहार लगा रही हैं।

एजाज खान ने किया पीएम मोदी और सीएम योगी को चैलेंज, बचा लो गौ माता को!, वीडियो देखें-

“अगर आप मर्द हो, माई के लाल हो- मोदी जी, योगी जी और गोरक्षक ये है हार्ले डेविडसन, हार्ले डेविडसन बेल्ट है। मैंने कल एयरपोर्ट से खरीदा है। ये रहा उसका बिल 8 हजार रुपये खर्च किये हैं मैंने, अब मैं गोरक्षकों से, मोदी जी से और योगी जी से ये बोलता हूं कि हार्ले डेविडसन गाय माता का बेल्ट बेच रहा है, दिस इज द काऊ लेदर बेल्ट जे पूरे हिन्दुस्तान में और पूरे वल्र्ड में बिक रहा है।”

ये शब्द किसी और के नही टी वी एक्टर एजाज खान के हैं। एजाज खान ने इस बार एक नए विवाद से नाता जोड़ लिया है उनका तीखा तेवर उनको खबरों की लाइम लाइट में ले ही आता है । लेकिन इस बार उन्होंनें पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से पंगा लिया है । एजाज खान ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया है जिसके जरिए उन्होंने गोरक्षा के बारे में बड़ा सवाल उठाए हैं।

 एजाज ने ये वीडियो कश्मीर में अपनी मूवी शूट करने के दौरान बनायी था। कुछ दिने पहले ही उनकी फिल्म लव डे आयी थी और इन दिनों कश्मीर में तुझे सलाम इंडिया की शूटिंग कर रहे हैं। इस वीडियो से साफ जाहिर है कि एजाज योगी जी और  मोदी जी को खुली चुनौती दे रहे हैं और ये भी साफ है कि एजाज को किसी बात को कोई डर नहीं है । सोशल मीडिया आज के समय में अपनी बात कहने का सबसे अच्छा माध्यम है लेकिन क्या अपनी बात रखने का ये सही तरीका है। यही कारण है कि एजाज के सवालों से ज्यादा लोग एजाज के इस तरीके पर उंगली उठा रहे हैं।

स्नैप चैट के सीईओ ने कहा, “भारत जैसे गरीब देशों के लिए नहीं है स्नैप चैट” गुस्साएं भारतीयों ने किया स्नैप चैट को अपने मोबाइल से डिलीट

सोशल मीडिया में इन दिनों #boycottsnapchat नाम का अभियान जोर शोर से चल रहा है। जिन लोगों ने अपने फोन पर स्नैप चैट डाला हुआ है वो बिना किसी देरी के एप को डिलीट कर रहे हैं और साथ ही इसका स्क्रीनशॉट ले कर सोशल साइट पर अपलोड कर रहे हैं। स्नैपचैट के लिए बढ़ती दीवानगी परवान चढ़ ही रही थी कि उस पर काला साया बन गया स्नैपचैट के सीईओ की ज़ुबान से निकले कुछ ऐसे शब्द जिसे सुनकर आप भी स्नैपचैट को डिलीट करने का मन बना लेंगे। स्नैपचैट का भारत में अपना बिजनेस फैलाने का कोई इरादा नहीं है। स्नैपचैट के सीईओ का मानना है कि भारत बिजनेस बढ़ाने के नजरिए से ‘बहुत गरीब’ देश है।

स्नैपचैप के सीईओ इवान स्पीगल के सामने कंपनी के एक कर्मचारी ने भारत जैसे बड़े बाजार में ऐप के धीमे विस्तार को लेकर चिंता जाहिर की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सीईओ स्पीगल ने उस कर्मचारी की बात को बीच में ही काटते हुए कहा, “ये ऐप केवल अमीर लोगों के लिए है। मैं भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों में इसका विस्तार करने का इच्छुक नहीं हूं।”

वैराइटी में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की उपेक्षा करने वाला यह कॉमेंट  2015 में बैठक के दौरान स्नैपचैप के सीईओ इवान स्पीगल ने यह बातें कहीं थी। भारत में स्नैपचैट के करीब 40 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं। लेकिन इस बयान के बाद यूजर्स में ख़ासी नाराज़गी देखी जा रही है.

 

दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर चल रही थी पॉर्न फिल्म, जिसे देख सकपका गए यात्री फिर हुआ ये खुलासा…

दिल्ली का राजीव चौक मैट्रो स्टेशन जो सुबह से शाम तक व्यस्त रहता है वहां पर उस वक्त लोग दंग रह गए, जब विज्ञापन के लिए लगी स्क्रीन पर पॉर्न फिंल्म चलने लगी। पास से गुजरते लोग उसे देखकर हंस रहे थे तो कोई वीडियो बना रहा था। ये वीडियो वॉट्सएप पर वायरल हो चुकी है। अभी तक की जांच में एक नयी बात सामने आयी है। डी एम आर सी (दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉरपोरेशन) ने जांच मे पाया कि 3 लोगों ने अपने मोबाइल फोन को एल ई डी टीवी से कनेक्ट कर पॉर्न चलाई थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। डी एम आर सी की ओर से कमिटी ने मामले की जांच के आदेश दिए है।
दरअसल इससे पहले भी एक बार 2013 में एक ऐसा ही मामला सामने आया था जब एक कपल की अश्लील हरकत सीसीटीवी पर कैद हुई थी।  डीएमआरसी ने इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। लकिने अभी इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। डीएमआरसी ने यह भी साफ कर दिया है कि आगे से इस तरह की घटना नहीं होगी

जवान के साथ बदसलूकी पर, क्रिकेटरों के तेवर सख्त। सरकार ने भी दिए नए कदम उठाने के संकेत..

वॉट्स अप पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कश्मीरी नौजवान सेना के साथ बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं। उन पर लात तो कभी हाथ चला रहे हैं लेकिन हमारे सी आर पी एफ के जवान जो हाथों में रायफल लिये हुए थे, जब चाहते तब सबको तार तार करने का दम रखते थे वहां से शांति और धैर्य का परिचय देते हुए चले गए। इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं था कि वे डरे थे कारण महज़ इतना था कि उनको EVM को सुरक्षित हाल में उसकी जगह पर पहुंचाना था।
कुछ दिन पहले ही जिन लोगों को सेना के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के मूंह से बचाया था आज उनका ये कारनामा अहसानफरामोशी की जीती जागती तस्वीर है।
क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ट्वीट के ज़रिए अपना गुस्सा ज़ाहिर किया उन्होंने लिखा,“जवान को पड़ने वाले 1 चांटे पर लगभग 100 जिहादियों को मौत के घाट उतार देना चाहिए। जिस किसी को आजादी चाहिए, वह छोड़कर जा सकता है कश्मीर हमारा है।”
दूसरे ट्वीट में गंभीर ने लिखा “कि शायद एंटी-नेशनल लोग भूल गये हैं कि हमारे तिरंगे का मतलब क्या है। गंभीर ने लिखा कि केसरिया मतलब हमारे गुस्से की आग, सफेद मतलब जिहादियों के लिए कफन और हरा मतलब आतंक के लिए घृणा।”
सुप्रीम कोर्ट में अफ्सपा को लेकर भी काफी गहमा गहमी है। अफ्सपा कानून के चलते भारतीय सेना के पास कई विशेष अधिकार प्राप्त हो जाते हैं। इन अधिकारों को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। लेकिन इस वीडियो के सामने आने से यह मुद्दा तूल पकड़ चुका है इस पर केंद्र सरकार की ओर से अर्टानी जनरल मुकुल रोहतगी का कहना है कि “सेना के अधिकारों को घटाने की नहीं बढ़ाने की ज़रुरत है, जिससे सेना इस तरह के उपद्री पत्थरबाजों से निपट सकें वरना आगे आने वाले समय में दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है।”
इससे साफ ज़ाहिर होता है कि सरकार अब इन पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना को खुली छूट देगी जिससे आगे आने वाले समय में किसी प्रकार की दिक्क्तों का सामना ना करना पड़े।

पाकिस्तान ने दी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा, जावेद अख्तर ने दी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

21 मार्च 2016 में बलूचिस्तान से पाकिस्तानी सेना  ने कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार किया और भारतीय जासूस बताकर उसे फॉसी की सजा सुना दी। आज ये मुद्दा लोकसभा में विवाद का विषय बना हुआ है जिस पर बॉलीबुड की नामी हस्तियां भी बोलने ले पीछे नहीं हैं।

पाकिस्तान के इस रवैये को देखकर अभिनेता ऋषि कपूर, सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, अदनान सामी, कलाकार रणदीप हुड्डा भी बोलने से नहीं चूके। इसके बाद बॉलीबुड की गर्म मि़ज़ाज़ रखने वाली अभिनेत्री रवीना टंडन ने पाकिस्तान के इस फैसले पर ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी से सवाल किया, “क्या हम सिर्फ बैठकर जाधव को मरते हुए देखेंगे? 

बॉलीबुड के जाने माने लेखक और संगीतकार जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की उन्होंने कहा-  “ये पाकिस्तान के लिए ठीक नहीं है, अगर पाकिस्तान जाधव को नुकसान पहुंचाता है तो वो 65, 71 और करगिल से भी बड़ी गलती करेगा। मुझे उम्मीद है कि वे जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है।”       -जावेद अख्तर

 सरकार भी इन सब को बाखूबी देख रही है जिसके लिए कठोर कदम भी उठा रही है।Abhijeet-10